घाटशिला, फरवरी 13 -- पोटका, संवाददाता। प्रखंड के महुलडीहा गांव में श्रीमद् भागवत कथा भक्ति सह ज्ञान यज्ञ कि छठे दिन गुरुवार के प्रवचन में कथावाचक गोविंद दास शास्त्री ने कथा में भक्तों को राधा कुंड के प्रकाश, गोचरण लीला, मथुरा गमन, कंस वध, द्वारिका गमन, कृष्ण रुक्मिणी विवाह आदि प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जीवन में समस्या हर रोज खड़ी है, पर जीत जाते हैं वे लोग जिनकी सोच बड़ी है। जिनके रक्षक हों भगवान, उसे कोई मार नहीं सकता और जगन्नाथ का दास जगत में हार नहीं सकता। कंस वध प्रसंग पर व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि अहंकार को त्याग कर भगवान की शरण में जाने से ही कल्याण होता है। उन्होंने लीला और क्रिया के अंतर को समझाते हुए बताया कि अभिमान और सुखी रहने की इच्छा क्रिया कहलाती है। दूसरों को सुखी रखने की इच्छा लीला है। सांसारिक जीव...
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