धनबाद, सितम्बर 25 -- जीटी रोड (एनएच) को फोरलेन से सिक्स लेन में तब्दील कर दिया गया, सर्विस लेन बनाए गए, ट्रकों के लिए ले-बाय और बरवाअड्डा व मैथन में रेस्ट जोन भी विकसित किए गए। इसके बावजूद हाईवे पर सड़क किनारे ट्रकों की अवैध पार्किंग पर रोक नहीं लग सकी है। यही वजह है कि जिले में होनेवाले सड़क हादसों का एक बड़ा कारण आज भी हाईवे पर खड़े ट्रक हैं। जिले में पिछले वर्ष जीटी रोड पर करीब 150 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई, जिनमें 35 लोगों की जान सड़क किनारे खड़े ट्रकों से टकराने के कारण गई। यानी लगभग हर चौथी मौत के पीछे सड़क किनारे खड़ा ट्रक जिम्मेदार रहा। अधिकतर हादसे देर रात और अलसुबह होते हैं, जब दृश्यता कम होती है और तेज रफ्तार वाहन चालक खड़े ट्रकों को समय रहते नहीं देख पाते। यह भी पढ़ें- टास्क: जीटी रोड से मरीन ड्राइव तक-मौत बनकर खड़े...