कानपुर, मार्च 1 -- कानपुर। जिले में रजिस्टर्ड लगभग 64000 ई-रिक्शों और ई-ऑटो में से 40 फीसदी मालरोड और जीटी रोड पर चलते हैं। जीटी रोड पर रोडवेज बसों के बाद जाम की दूसरी वजह ई-रिक्शों, ऑटो की अराजकता है। बेलगाम ई-रिक्शा और ऑटो पर नकेल डालने को एडीसीपी राजेश पांडेय ने कमान संभाली है। शहर को सात सेक्टरों में बांट उसी इलाके में चलवाने की कार्ययोजना बनाई है ताकि अकारण किसी रूट पर एक साथ ई-रिक्शों का लोड न पड़े। यह खुलासा परिवहन और ट्रैफिक पुलिस के सर्वे आकलन से हुआ है। यातायात भवन रेलबाजार में बार कोड इश्यू कराने के लिए संचालकों की लंबी लाइन लगी। अबकी बार बार कोड लेने में कोई शुल्क नहीं देना होता है। बशर्ते वैध परमिट, बीमा, आधारकार्ड, डीएल और पंजीयन पुस्तिका लेकर पहले उस थाने में जाकर पंजीयन कराएं, जिस पते पर वाहन रजिस्टर्ड है। वहां से पर्ची ले...
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