मुरादाबाद, अप्रैल 15 -- मुरादाबाद। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के फर्जीवाड़े के ताबड़तोड़ सामने आ रहे मामलों पर रोक लगाने के मकसद से जीएसटी के अंतर्गत छोटे व्यापारियों को बिना किसी सत्यापन के त्वरित पंजीयन देने की जो स्कीम साल भर पहले शुरू हुई उसके दायरे से मुरादाबाद के करीब पांच सौ कारोबारी अब बाहर आ गए हैं। अब ऐसे सभी व्यापारियों पर सर्वे की तलवार लटक गई है। स्कीम के अंतर्गत निर्धारित शर्त के मुताबिक व्यापारी की टैक्स की देयता साल भर में ढाई लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। मुरादाबाद में करीब डेढ़ हजार व्यापारियों को इसके अंतर्गत त्वरित रूप से बिना सत्यापन हुए पंजीयन मिला। अब साल भर में करीब पांच सौ व्यापारियों की टैक्स देयता बढ़ने के चलते उन्हें स्कीम से बाहर कर दिया गया है। ऐसे सभी व्यापारियों को अब सामान्य श्रेणी में रखते हुए विभाग द्वा...
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