जीएसटी की भारी छूट में यूलिप से पीछे छूटी टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी
मुरादाबाद, सितम्बर 1 -- मुरादाबाद। जीवन बीमा कराने के लिए लोगों ने अब टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी को अपनाना लगभग बंद कर दिया है। इस पर जीएसटी में मिली छूट भी बेअसर साबित हुई है। जबकि, यूलिप (यूनिट लिंक पॉलिसी) लेने का रुझान लोगों में तेजी से बढ़ा है। टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी पर 18 फीसदी जीएसटी लग रहा था। जबकि, यूलिप पर तीन फीसदी जीएसटी देय था। दो साल पहले बजट में जीवन बीमा पॉलिसी जीएसटी से मुक्त की गई थी। भारतीय जीवन बीमा निगम कर्मचारी संघ के पदाधिकारी पंकज मणि बंसल ने बताया कि टर्म इंश्योरेंस कराने वाले लोग अब महज दो फीसदी तक रह गए हैं। 22 वर्षों से एलआईसी की पॉलिसी करा रहे विश्व बंधु विश्नोई ने बताया कि पिछले दस साल में टर्म इंश्योरेंस के बजाय यूलिप और नियमित श्रेणी की पॉलिसी कराने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। टर्म इंश्योरेंस के अब नहीं के...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.