लखनऊ, मई 10 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। जीएसटी लागू होने के लगभग नौ वर्षों के बाद आगामी एक जुलाई से 'जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण' (जीएसटीएटी) शुरू होने जा रहा है। इसका राजधानी के कारोबारी संगठनों ने स्वागत किया है। व्यापारियों का मानना है कि इस ट्रिब्यूनल के गठन से न केवल टैक्स विवादों का निस्तारण तेज होगा, बल्कि विभागीय अधिकारियों की मनमानी पर भी अंकुश लगेगा।अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सुरेश छबलानी ने इसे 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' की दिशा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा, अब तक व्यापारियों को भारी पेनल्टी, ब्याज और बैंक खाते सीज होने जैसी कठोर समस्याओं से जूझना पड़ता था। न्याय के लिए लंबा इंतजार और विभागीय जटिलताओं ने व्यापारियों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया है।पारदर्शिता से बढ़ेगा व्यापारियों का विश्वासउत्तर प्...