उत्कर्ष आनंद | नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाने में दो साल से अधिक समय लिया है। खास बात यह है कि करीब तीन महीने पहले खुद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट समेत अन्य संवैधानिक अदालतों में सुरक्षित रखे गए फैसलों को सुनाने के लिए अधिकतम तीन महीने की समयसीमा तय की थी। यह मामला दवा कंपनी सैनोफी इंडिया लिमिटेड से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने सोमवार को कंपनी के खिलाफ सीबीआई की भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की जांच से जुड़े मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया।मई 2024 में सुरक्षित रखा गया था फैसला इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई 2024 को सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सैनोफी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा और सीबीआई की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनर...