नई दिल्ली, दिसम्बर 26 -- प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कृत्रिम मेधा (AI) और साइबर अपराधों से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए देशभर के वकीलों को प्रशिक्षित करने के वास्ते राष्ट्रीय स्तर की विधि अकादमी की आवश्यकता पर शुक्रवार को जोर दिया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत दक्षिण गोवा में स्थित भारत अंतरराष्ट्रीय विधि शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय में 'बार काउंसिल ऑफ इंडिया' के राष्ट्रीय सम्मेलन और मध्यस्थता संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, "हम एक ऐसे युग में प्रवेश कर रहे हैं जहां एआई कानूनी व्यवस्था को मजबूत करने में एक शक्तिशाली उपकरण बन रही है, लेकिन प्रौद्योगिकी हमें विभिन्न प्रकार के अपराधों की ओर भी ले जा रही है।''प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि साइबर अपराध की कुछ घटनाएं ऐसी हैं जिनके बारे में कभी नहीं सुना गया...
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