नई दिल्ली, दिसम्बर 3 -- कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ हिंदुत्व विचारक वी. डी. सावरकर के बारे में कथित टिप्पणी को लेकर मानहानि मामले की सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत ने बुधवार को कहा कि उन्हें ऐसे किसी आदेश पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए जो फाइनल हो चुका हो या जिसे उन्होंने चुनौती नहीं दी हो। गांधी के वकील, अधिवक्ता मिलिंद पवार ने विशेष जज अमोल एस. शिंदे के समक्ष एक आवेदन दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि शिकायतकर्ता सत्यकी सावरकर ने 2023 में समन जारी करने का आदेश ठोस सबूतों के आधार पर नहीं, बल्कि अनुचित दबाव डालकर और अदालत के समक्ष जल्दबाजी और तात्कालिकता का माहौल बनाकर हासिल करने में कामयाब रहे। वी. डी. सावरकर के परपोते सत्यकी की ओर से अधिवक्ता संग्राम कोल्हटकर ने आवेदन पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आरोपी ने अदालत की कार्यप्रणा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.