जिसने कभी प्रेम किया ही नहीं वो प्रेम निभाना क्या जाने : अनुराधा सहचरी
भागलपुर, मई 13 -- कहलगांव, निज प्रतिनिधि जो प्रेम गली में आया नहीं, प्रियतम का ठिकाना क्या जाने, जिसने कभी प्रेम किया ही नहीं वो प्रेम निभाना क्या जाने। जो व्यक्ति किसी से प्रेम नहीं करता, वह भगवान से भी सच्चा प्रेम नहीं कर सकता। उक्त बातें सनोखर शिव मंदिर परिसर में आयोजित महारुद्र यज्ञ में चल रही श्रीराम कथा के आठवें दिन कथा वाचिका अनुराधा सहचरी ने प्रेम और भक्ति का महत्व बताते कही। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम और भरत के प्रेम का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भरत जी ने अपने भाई श्रीराम के लिए पूरा राजपाट त्याग दिया था और उसे तिनके के समान ठुकरा दिया। यह भी पढ़ें- यज्ञ व हवन से वातावरण होता है शुद्ध: अनुराधा सहचरी उन्होंने बताया कि तीर्थराज प्रयाग में भरत जी ने कहा था कि उन्हें न मोक्ष की इच्छा है, न धर्म और कामना की, बल्कि जन्म-ज...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.