महोबा, मार्च 29 -- महोबा, संवाददाता। संत कबीर अमृतवाणी सत्संग गुरु की महिमा पर प्रकाश डाला गया। गरीबों की मदद को सबसे बड़ा पुनीत कार्य बताया गया। रविवार को कबीर आश्रम में सत्संग की शुरुआत जय कबीर जय कबीर जय गुरु कबीरा दास तोरे द्वार खड़े उनकी हरो पीड़ा से शुरुआत की गई। समिति प्रमुख डॉ एल सी अनुरागी ने कहा कि गुरु की सेवा करने से बिगड़े काम भी बन जाते हे। कहा कि आज के दौर में लोग संकट में प्रभू का स्मरण करते है। दुख में सुमिरन सब करैं सुख में करै न कोह जो सुख में सुमिरन करें तो दुख काहे को होय की विस्तार से व्याख्या की गई। इस मौके पर कहा कि जिसके मुख में राम नाम है वहीं धनवान है। राम नाम की भक्ति के बिना धनवान भी िनर्धन है। पंडित आशाराम तिवारी ने कामी क्रोधी लालची इनसे भक्ति न होय की व्याख्या की । पंडित जगदीश रिछारिया ने श्री राम की वंदना ...