मुंबई, अक्टूबर 1 -- बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार (01 अक्तूबर) को एक ऐसी मौखिक टिप्पणी की है, जिससे महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री और एनसीपी चीफ सुनेत्रा पवार और उनके राज्यसभा सांसद बेटे की टेंशन बढ़ गई है। मुंडवा भूमि सौदा मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने तंज कसा कि जिसके पास कंपनी की 99 फीसदी हिस्सेदारी है, वो आरोप मुक्त है जबकि जिसके पास सिर्फ एक फीसदी हिस्सेदारी है वो केस में आरोपी है, कैसे? इसके साथ ही कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से मौखिक रूप से पूछा कि क्या उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार मुंडवा भूमि सौदा मामले में लाभार्थी नहीं हैं, जबकि सरकारी जमीन को भारी रियायती कीमत पर खरीदने वाली कंपनी में उनकी 99 फीसदी हिस्सेदारी है। दरअसल, राज्यसभा सांसद पार्थ पवार 'अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी' में 99 फीसदी यानी बहुसंख्यक हिस्स...