मधुबनी, सितम्बर 2 -- मधुबनी। जिले में पैक्स सशक्तीकरण की योजना आंकड़ों और कागजों तक सिमट कर रह गई है। जिले में सैकड़ों पैक्स होने के बावजूद कंप्यूटरीकरण, पारदर्शिता और पेशेवर प्रबंधन का लक्ष्य अधूरा है। 389 प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने के बावजूद जमीनी बदलाव नहीं दिख रहा, जिससे किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा। क्योंकि सच्चाई यही है कि सहाकारिता विभाग से इसतरह के प्रशिक्षण की महज खानापूरी होती रही है। दरअसल, जिले में प्राथमिक कृषि साख समितियों को सशक्त और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की सरकारी योजना जमीनी स्तर पर दम तोड़ती नजर आ रही है। जिले में बड़ी संख्या में पैक्स संचालित हैं, लेकिन इनमें से कई आज भी कंप्यूटरीकरण और पारदर्शी संचालन से कोसों दूर हैं। कंप्यूटरीकरण का लक्ष्य तय किया गया, पर वास्तविक प्रगति बेहद धीमी है। कुछ पैक्स में काम...