औरंगाबाद, जनवरी 8 -- औरंगाबाद जिले में हर साल सैकड़ों लोग कुत्ते के काटने की घटना का शिकार होते हैं। इसमें से ज्यादातर लोग सरकारी अस्पताल में पहुंचकर एंटी रैबीज का टीका लेते हैं। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में लोग रैबीज का टीका लेते हैं। जो आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के स्तर से सामने आ रहे हैं, वह चिंताजनक हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार औरंगाबाद जिले में प्रत्येक महीने लगभग 12 सौ डोज लोगों को दी जा रही है। इसमें ज्यादातर मामले कुत्ते की काटने की घटनाओं से संबंधित हैं। इस हिसाब से लगभग चार सौ लोग प्रति महीने कुत्तों के काटने की घटना का शिकार हो रहे हैं। अप्रैल 2025 से लेकर नवंबर तक ऐसे करीब 32 सौ मामले सामने आए जिसमें लोग कुत्तों का शिकार हुए। बताया जा रहा है कि भले ही कुत्ते में रैबीज हो या ना हो, लोग सुरक्षा के लिहाज से टीका अवश्य लेते हैं। ...
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