गया, दिसम्बर 8 -- जिले में संस्थागत प्रसव के लिए प्रचार-प्रसार के साथ लोगों को लगतार जागरूक किया जा रहा है। इसके बाद भी अपेक्षित लक्ष्य से संस्थागत प्रसव काफी कम है। इसका मुख्य कारण लोगों में शिक्षा की कमी और जागरूकता की कमी है। पिछले दो साल में जो आपेक्षित लक्ष्य रहा उससे काफी कम जिले में संस्थागत प्रसव हुये। जिले के स्वास्थ्य विभाग के आकड़े देखे तो ना सिर्फ वर्ष 2024-25 में बल्कि 2023-24 में भी आपेक्षित लक्ष्य से संस्थागत प्रसव काफी कम हुये। इस वर्ष अक्टूबर तक महज 21 फिसदी हुए संस्थागत प्रसव स्वास्थ्य विभाग के आकड़े को देखे तो इस वर्ष 2025-26 में एक अप्रैल से लेकर 31 अक्टूबर तक आपेक्षित लख्य का महज 21 फिसदी ही संस्थागत प्रसव हुये हैं। इस वर्ष एक लाख 51 हजार 179 गर्भवतियों के संस्थागत प्रसव का आपेक्षित लक्ष्य रखा गया है, जबकि अप्रैल से अक्...
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