हजारीबाग, दिसम्बर 13 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि / अजय मिश्रा जिले में जीरो से 5 वर्ष के एक लाख 806 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। जिसमें 1193 अतिकुपोषित तथा 2944 कुपोषित बच्चे हैं। चिन्हित कुपोषित बच्चों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार जिले में 5 साल से कम उम्र के लगभग 39.6 प्रतिशत बच्चे जिनका स्टैंडर्ड लंबाई के अनुसार कम वजन है। जबकि 22.4 प्रतिशत बच्चे स्टैंडर्ड ऊंचाई के अनुसार कम है। जिसमें 9.1 प्रतिशत बच्चे अति गंभीर रूप से कमजोर हैं। पर कुपोषण को दूर करने में परिजनों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। यही कारण है कि इलाज और पोषण उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए कुपोषण केंद्र के बेड खाली पड़े हैं। सदर अस्पताल सिविल सर्जन कार्यालय के सामने कुपोषण केंद्र में बच्चों के लिए 20 बेड मच्छरदानी कंबल के साथ उपलब्ध है। लेकिन नौ कु...