मधुबनी, अप्रैल 14 -- शैलेंद्र कुमार। मधुबनी। जिले में दलहन की खेती कभी किसानों की आय का मजबूत आधार मानी जाती थी, लेकिन अब यह धीरे-धीरे सिमटती जा रही है। 10 से 12 साल पहले मधुबनी में करीब 40 से 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में चना, मटर, मसूर और अरहर जैसी दलहन फसलों की खेती होती थी। उस समय लगभग 1.5 से 2 लाख किसान इस खेती से जुड़े थे और स्थानीय स्तर पर दालों की अच्छी उपलब्धता बनी रहती थी। खेतों के मेड पर लहलहाते हुए अरहर के पौधे अब सपना बनकर रह गया है। वर्तमान समय यानी 2026 में स्थिति काफी बदल चुकी है। यह भी पढ़ें- लागत ज्यादा मुनाफा कम होने से जिले में नाममात्र की होती है दलहन की खेती अब जिले में दलहन की खेती घटकर लगभग 15 से 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र तक सिमट गई है, जबकि इससे जुड़े किसानों की संख्या घटकर करीब 50 से 70 हजार के बीच रह गई है।बाजार से ...