मधुबनी, अगस्त 6 -- मधुबनी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण का लक्ष्य लगभग पूरा होने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती उनके नियमित उपयोग की बन गई है। जिले में करीब 30 प्रतिशत सरकारी शौचालयों का नियमित उपयोग नहीं हो रहा है। अनेक परिवार शौचालयों का इस्तेमाल शौच के बजाय जलावन रखने, पशुपालन, चारा तथा घरेलू सामान के भंडारण के लिए कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए स्वच्छ भारत मिशन ने पंचायत स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। जागरुकता कार्यक्रम काफी असरदायी

जागरूकता कार्यक्रम की प्रभावशीलता समीक्षा में यह भी सामने आया कि जिन पंचायतों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम, जीविका समूहों की बैठकें और पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता रही, वहां शौचालय उपयोग की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। बेनीपट्टी, रहिका, बिस्फी औ...