पौड़ी, नवम्बर 20 -- पहाड़ के दूरस्थ गांवों में मत्स्य पालन आज आजीविका का सशक्त साधन बनता जा रहा है। जिले में मत्स्य उत्पादन को लेकर की जा रही पहलें अब सफलता की कहानियाँ लिख रही हैं। बेहतर प्रशिक्षित मत्स्य पालक, अनुकूल जलवायु और आधुनिक प्रजातियों का प्रयोग कर इन सबने मिलकर उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की है। साल 2024-25 में जिले का उत्पादन जहां 480 क्विंटल रहा, वहीं वर्ष 2025-26 के लिए इसे बढ़ाकर 650 क्विंटल तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में 530 मत्स्य विज्ञानी पंजीकृत हैं और 150 से 200 प्रशिक्षार्थी हर वर्ष मत्स्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इससे युवा किसान मत्स्य व्यवसाय को लाभकारी उद्यम के रूप में अपनाने लगे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.