सहरसा, मार्च 11 -- सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिलास्तरीय वित्तीय वर्ष खाद्य एवं पोषण सुरक्षा (कृषोन्नति योजना) अंतर्गत वाणिज्यिक फसल जूट उत्पादन विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उदघाटन करते जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा बताया गया कि जूट मुख्यतः पूर्वी भारत के सर्वाधिक प्राकृतिक रेशा फसल है। जिसका उत्पादन मुख्यतः पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, उड़ीसा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में होता है। विभाग द्वारा पटसन जूट की खेती को बढ़ावा देने के लिये 230 एकड़ में प्रत्यक्षण शत्-प्रतिशत अनुदान पर एवं बीज वितरण अनुदान पर किसानों को उपलब्ध कराया जायेगा। उनके द्वारा किसानों से आह्वाहन किया गया कि जूट की खेती से जूट से टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल कई उत्पाद बनते हैं, जिनमें बोरियां, रस्सी, गलीचे, थैले, पर्दे, फर्नीचर, और घर की सजावट का सा...