ललितपुर, अप्रैल 13 -- जिले में धूल फांक रहीं ऐतिहासिक पुरासंपदाएं जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते गुजरते समय के साथ खोती जा रहीं अस्तित्वगुप्त व चंदेलकालीन पाषाण प्रतिमाओं और मंदिरों के शिल्प से नहीं हटती नजरेंप्रदेश सरकार की पहल से दशा बदलने की जागी उम्मीद, संवारे जाएंगे यह स्थलललितपुर। हजारों वर्ष पहले हमारे पूर्वजों ने भारी भरकम पत्थरों को तराशकर ऐसा स्वरूप दिया कि आकृति जीवंत सी प्रतीत होने लगी। छेनी और हथौड़ी आदि औजारों से ऐसा सटीक आकार आज मशीनों से तैयार करना संभव नहीं है। मंदिरों को नीचे से ऊपर ले जाते समय इस्तेमाल तकनीक देख आज के इंजीनियर अचंभित रह जाते हैं। अथक परिश्रम से तैयार वैभवशाली ऐतिहासिक स्थल वह अगली पीढ़ी को सौंप गए। लेकिन, आज यह अनमोल धरोहरें शनै शनै अपना वजूद खोती जा रही हैं। इसको सहेजने के लिए पर्याप्त कदम उठाने की जरूरत ...