प्रयागराज, सितम्बर 20 -- प्रयागराज, संवाददाता। घर की चारदीवारी और खेती-किसानी तक सीमित ग्रामीण महिलाएं अब स्वरोजगार के जरिए उद्यमी बन रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक की आय हासिल कर 'लखपति दीदी' बन रही हैं। जिले में ऐसी महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

उपायुक्त एनआरएलएम की जानकारी उपायुक्त एनआरएलएम शमा सिंह के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में जिले में 2,19,277 महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का संशोधित लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में ही 66 हजार से अधिक महिलाओं का सर्वे कर उन्हें चिह्नित किया गया है। इससे पहले करीब 1.15 लाख महिलाएं लखपति दीदी के रूप में चिह्नित हो चुकी हैं, जबकि करीब 1....