सीवान, अप्रैल 27 -- सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले के सरकारी स्कूलों में फर्जी उपस्थिति व मिड-डे मील में धांधली रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से टैब-आधारित डिजिटल हाजिरी अनिवार्य तो कर दी, लेकिन इसमें तेजी नहीं ला सकी। डिजिटल हाजिरी के लिए शिक्षकों को लाइव सेल्फी व जीवित व्यक्ति की पुष्टि के लिए आंखें झपकाना व मुस्कुराना अनिवार्य है, ताकि पुरानी फोटो या वीडियो का इस्तेमाल नहीं हो सके। हाजिरी लगाते समय कैमरे में आंखें झपकाना व मुस्कुराना इसलिए जरूरी है, ताकि इससे पता चले कि शिक्षक वास्तव में उस समय मौजूद हैं। वहीं, प्रधानाध्यापक को बच्चों व शिक्षकों की उपस्थिति टैब पर दर्ज करनी होगी, जो जियो टैगिंग के जरिए स्कूल परिसर के भीतर से ही मान्य होगी। यह भी पढ़ें- टैबलेट से एक सप्ताह के अंदर पंजीकरण पूर्ण कराना करें...