संभल, मार्च 27 -- जिले में गंभीर रूप से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। अब वे बच्चे, जो शारीरिक या मानसिक कारणों से स्कूल नहीं जा पाते, उनके लिए घर ही पाठशाला बनेगा। इस योजना के तहत विशेष शिक्षक बच्चों के घर पहुंचकर उन्हें पढ़ाई कराएंगे, जिससे वे शिक्षा से वंचित न रहें। उन्हें घर पर ही आवश्यक शैक्षिक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी सीखने की प्रक्रिया आसान हो सके। इस प्रयास का उद्देश्य बच्चों के बौद्धिक, मानसिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। जिले में कुल 3954 दिव्यांग बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 145 बच्चे ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जो गंभीर रूप से बहु-दिव्यांग हैं और शारीरिक या मानसिक स्थिति के कारण स्कूल आने-जाने में असमर्थ हैं। इन्हीं बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर होम बेस्ड शिक्ष...
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