प्रयागराज, सितम्बर 7 -- प्रयागराज। बच्चों में होने वाली बीमारियों में कुपोषण भी एक गंभीर समस्या है। जिले में टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण व पुनर्वास पोषण केंद्रों में उपचार के बावजूद कुपोषित बच्चे मिल रहे हैं। जनवरी से लेकर जुलाई तक जिले में 607 गंभीर कुपोषित और 3188 बच्चे कुपोषित श्रेणी में चिन्हित किए गए। विशेषज्ञों के इसका मुख्य कारण स्तनपान नहीं कराने व भोजन में पौष्टिक तत्वों की कमी अशिक्षा और जागरूकता का अभाव है। पोषण का उपचार न किए जाने पर यह शारीरिक या मानसिक दिव्यांगता का कारण बन सकता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार गंभीर तीव्र कुपोषण से पीड़ित बच्चों में मृत्यु की संभावना नौ गुना अधिक होती है। कुपोषित बच्चों में संक्रमण की संभावना अधिक

कुपोषण के कारण बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार भोजन म...