वाराणसी, अप्रैल 17 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। जिले में अनुमानित 21 लाख से अधिक की आबादी की तुलना में आग से बचाव के उपाय नाकाफी हैं। अगलगी के बाद फायर स्टेशनों से घटनास्थल की दूरी नुकसान का बड़ा कारण है। संयोग है कि पिछले दो सीजन में कोई जनहानि नहीं हुई है लेकिन कइयों के जान पर जरूर बन आई। इस सीजन में अभी आधा अप्रैल ही बीता है, अगलगी की आठ बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। कज्जाकपुरा, नई सड़क, सरैयां, सारनाथ, राजातालाब समेत अन्य जगहों पर रिहाइशी मकानों एवं होटलों के अलावा जक्खिनी, फूलपुर, राजातालाब, चिरईगांव आदि क्षेत्र में 45 बीघा गेहूं की फसल चपेट में आ चुकी है। जून तक ऐसी घटनाओं की आशंका ज्यादा रहती है। हालिया घटनाओं में सारनाथ, कज्जाकपुरा, राजातालाब में दमकल की गाड़ियां देरी से पहुंच सकीं। जक्खिनी में 20 बीघा गेहूं की फसल जलने के बाद दमकल वा...
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