मधुबनी, जून 5 -- मधुबनी, निज संवाददाता। विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को जिला मुख्यालय सहित जिले भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। हालांकि कार्यक्रमों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मधुबनी की पर्यावरणीय स्थिति वास्तव में सुधर रही है? जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 3501 वर्ग किलोमीटर है, जबकि आबादी 44 लाख से अधिक है। लगातार बढ़ते शहरीकरण, जलाशयों के अतिक्रमण, पेड़ों की कटाई और भूजल दोहन ने पर्यावरणीय संतुलन पर दबाव बढ़ाया है। गर्मी के इस मौसम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और कई इलाकों में जलसंकट गहरा गया है। भारत वैदिक काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, मिथिला में पर्यावरण संतुलन के लिए काफी काम करने की जरूरत बताई गई है। यह भी पढ़ें- जिले भर में हरित अभियान के बाद भी 21 प्रखंडों में घट रही हरियाली डीडीसी सुमन प्रस...