गोरखपुर, सितम्बर 1 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। पूर्वी यूपी में आज भी एक तिहाई से अधिक बच्चे अपनी उम्र के हिसाब से कम लंबाई वाले रह जाते हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 में गोरखपुर के करीब 42 प्रतिशत बच्चे बौने पाए गए थे, जबकि प्रदेश का आंकड़ा करीब 37 प्रतिशत था। अब नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 में प्रदेश के आंकड़े में कुछ सुधार के संकेत मिले हैं। प्रदेश स्तर पर भी बौनापन कम हुआ है। नए सर्वे में उत्तर प्रदेश में करीब 32 प्रतिशत बच्चों की लंबाई मानक से कम पाई गई है। राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा 29.3 प्रतिशत है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास अग्रवाल ने बताया कि नवजात को जन्म के एक घंटे के भीतर मां का दूध मिलना बहुत जरूरी है। पहले छह महीने तक केवल स्तनपान कराना चाहिए। इससे बच्चे की सेहत बेहतर रहती है। लंबाई पर भी अच्...