जिले की सांसों में निकोटीन का पहरा: नियम कागजों पर, दुकानों पर मौत का सामान
बहराइच, मई 30 -- बहराइच, संवाददाता। जिले भर में निकोटीन की खपत और उससे होने वाले दुष्प्रभाव कम होने के बजाया बढ़ रहे हैं। नियम कानून ताक पर हैं। कोटपा की व्यवस्था कार्यालयों और सावर्जनिक स्थलों पर लागू नहीं है। स्कूल या मंदिर गेट से दुकान की दूरी 100 गज यानी 91 मीटर से भी कम रहती है। गेट पर ही दुकानें लग रहीं। एक साल में नियम तोड़ने वाले कितने लोगों के चालान हुए हैं इसका स्वास्थ्य विभाग के पास भी नहीं है। सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों में पीक और सिगरेट के फुंके टुकड़ों पर किसी की नजर नहीं है। एक आंकड़े के मुताबिक हर छठां व्यक्ति निकोटीन का किसी न किसी तरह सेवन कर रहा है। आंकड़े बताते हैं कि हर दिन चार लाख से अधिक गुटखा की पुड़िया बिक रही है। औसत एक इंसान पांच से छह पुड़िया रोजाना खा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ आंकड़े आठ से 10 पुड...
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