कोडरमा, नवम्बर 4 -- कोडरमा। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को बैकुंठ चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व इस वर्ष चार नवंबर, मंगलवार को पूरे जिले में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और भगवान श्रीहरि विष्णु दोनों की एक साथ पूजा-अर्चना की जाती है। इसे बैकुंठ चौदस के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा विश्वास है कि इस तिथि पर भगवान विष्णु का नाम जपने वाला भक्त बैकुंठ धाम को प्राप्त करता है। इस अवसर पर सप्तऋषियों की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के जागृत होने के बाद बैकुंठ चतुर्दशी पर भगवान शिव सृष्टि का भार पुनः भगवान विष्णु को सौंपते हैं, जिससे सृष्टि के संचालन का चक्र पुनः आरंभ होता है। कोडरमा सहित जिले के विभिन्न मंदिरों मे...
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