सराईकेला, अप्रैल 12 -- सरायकेला। जिले के कुचाई प्रखंड के सुदूरवर्ती गांव कोमाय में बीते गुरुवार जिला प्रशासन ने जनता दरबार का आयोजन किया। कभी नक्सलियों का अभेद्य गढ़ रहे इस क्षेत्र में प्रशासनिक दावों के बावजूद, कोमाय के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरे इस इलाके में आज भी कई टोले मुख्य मार्ग से कटे हुए हैं। जिससे आपातकाल में मरीजों को अस्पताल ले जाना चुनौतीपूर्ण होता है। जर्जर भवन और कम उपस्थितिकोमाय स्थित आंगनबाड़ी भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। बच्चे केंद्र के अंदर जाने से कतराते हैं। हालांकि, कागजों पर बड़ी संख्या में बच्चों का नामांकन दिखाया गया है। लेकिन बच्चे यहां आने से डरते हैं। आंगनबाड़ी सेविका मोती सामड ने कहा केंद्र में आसपास के कई गांवों जैसे बंदूबेर, सराहगढ़ा, बुरूहातु, रेलोंग़...
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