धनबाद, जून 26 -- जिला परिषद के माध्यम से संचालित 15वें वित्त आयोग की अधिकतर विकास योजनाएं अब भी अधूरी हैं। स्थिति यह है कि करीब एक वर्ष पूर्व योजनाओं का चयन कर कार्य एजेंसियों को आवंटित कर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय के भीतर अधिकतर योजनाएं पूरी नहीं हो सकीं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई और लोगों को योजनाओं का लाभ मिलने में देरी हो रही है। जिला परिषद के कुल 29 क्षेत्र हैं। इन सभी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से 140 से अधिक योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें सोलर आधारित जलापूर्ति योजनाएं, पीसीसी सड़क, सामुदायिक भवन और अन्य जनहित से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। हालांकि अब तक 80 से अधिक योजनाएं अधूरी हैं, जिससे करीब 70 प्रतिशत योजनाओं का कार्य समय पर पूरा न...