सिद्धार्थ, अप्रैल 24 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। जिला कारागार में आयोजित तीन दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हुआ। इस अवसर पर कारागार परिसर भक्ति, कीर्तन, प्रवचन एवं आत्मचिंतन की ध्वनियों से गूंज उठा। मुख्य प्रवचनकार आचार्य रोहित शुक्ल ने कहा कि ईश्वर प्रत्येक हृदय में विद्यद्यिमान है, आवश्यकता केवल उसे पहचानने की है। जब मनुष्य अपने भीतर की भक्ति को जागृत करता है तो उसके सभी बंधन स्वतः समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने बंदियों को सदाचार, करुणा, क्षमा एवं भक्ति को जीवन में अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि सच्ची स्वतंत्रता बाहरी परिस्थितियां में नहीं बल्कि मन की शांति में निहित होती है। यह भी पढ़ें- जिला कारागार में तीन दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का समापन तीन दिवसीय इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में महात्मा नरसिंह, रामदास, सचिन, नेपाल सिंह,...
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