नई दिल्ली, मार्च 18 -- हेमलता कौशिक नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि राष्ट्रीय राजधानी के सभी जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों में हाइब्रिड सुनवाई के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उच्च न्यायालय ने आठ सप्ताह के भीतर इस व्यवस्था को पूरी तरह से चालू करने को कहा है।मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने यह भी आदेश दिया कि सभी दस जिला आयोगों द्वारा प्रकाशित दैनिक वाद सूची में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का लिंक दिया जाना चाहिए। पीठ वकील एस.बी. त्रिपाठी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है। इस याचिका में उपभोक्ता मंचों में वर्चुअल सुनवाई की सुविधाओं को फिर से शुरू करने व बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग की गई है। अधिवक्ता ...