मेरठ, मार्च 19 -- गैस की कमी के चलते जिला अस्पताल की मरीजों की रसोई में वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी है। गैस को बचाने के लिए बर्तन धोने के लिए लकड़ियों से चूल्हा चलाकर पानी गर्म किया जा रहा है। अभी तक यह पानी गैस पर गर्म किया जा रहा था। मगर गैस की कमी को देखते हुए अस्पताल की रसोई में चूल्हे की व्यवस्था की गई है। अस्पताल की रसोई में रोजाना 150 से 200 मरीज-तीमारदारों का खाना तैयार किया जाता है। इन मरीजों के खाना बनाने का एक निजी कंपनी को टेंडर दिया गया है। एक दिन में एक कॉमर्शियल सिलेंडर की अस्पताल की रसोई में खपत होती है। सीएमएस डॉ. बीपी कौशिक ने बताया कि अस्पताल के पास गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। बुधवार को रसोई में चार सिलेंडर स्टॉक में है। मैनेजर अभिषेक वालिया ने बताया कि अस्पताल में गैस की कमी न हो इसके लिए रोजाना रसोई का निरीक्षण और...
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