बिजनौर, मई 7 -- ​बिजनौर। एक तरफ जहां जिले भर में 'अग्निसुरक्षा सप्ताह' मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की लचर व्यवस्था सामने आई है। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में जलने से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए कोई अलग 'बर्न वार्ड' ही नहीं है। इस कमी के कारण गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का इलाज 'यूं ही' चल रहा है। ​अस्पताल के पुराने रिकॉर्ड और सूत्रों की मानें तो कोरोना काल तक यहां ग्राउंड फ्लोर पर एक सुविधाओं से लैस बर्न वार्ड हुआ करता था, जिसमें 6 से 10 बेड तक की क्षमता थी। उस समय एसी तो नहीं लगा था, लेकिन वार्ड में कूलर हुआ करते थे तथा प्रत्येक बैड पर जले हुए मरीज के ऊपर लोहे की जाली का कवर रहता था, जिसके ऊपर चादर ढकी जाती थी। इससे झुलसे हिस्से के खुले रहने पर भी मच्छर काटने व संक्रमण का खतरा कम रहता था।...