जितिया व्रत विधि: पूजा में बनती है जीमूतवाहन की कुशा और चिल्हो और सियारिन की मूर्ति, पढ़ें कैसे होता है व्रत
नई दिल्ली, अक्टूबर 2 -- जीवितपुत्रिका व्रत की शुरुआत आज शु्क्रवार को नहाय खाय से हो रही है। शनिवार को निर्जला व्रत रखा जाएगा। इस साल 3 अक्टूबर को व्रत किया जाएगा, जिसमें सप्तमी रहित अष्टमी तिथि है। इसी दिन व्रत किया जाता है 24 घंटे माताएं अपनी संतान की सलामती के लिए निर्जला व्रत करेंगे।जितिया पर्व में मां का का अपनी संतान के लिए व्रत, भगवान में आस्था और संतान से प्रेम और उसके जीवन के प्रति विश्वास को दर्शाता है। इस दिन अष्टमी का श्राद्ध भी होता है, वहीं पारणवाले दिन मातृ नवमी होती है, ऐसे में दिवंगत पितरों को भी सरसों का काढ़ा आदि अर्पित किया जाता है। कुछ लोग अष्टमी को चावल के मांड की धारा भी देती हैं।किसकी होती है पूजा इस व्रत में सबसे पहले जीमूतवाहन राजा की पूजा होती है। वो गंधर्वों के राजा थे, उनके कारण ही गरुड़ देव ने संतान की लंबी उम...
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