जिए तो दोस्त बनकर, लेकिन अलविदा हुए दुश्मन बनकर
अररिया, अप्रैल 10 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। गुरुवार को हुई दोहरी हत्याकांड की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। ठेला चालक रवि और वाहन चालक नवी में गहरी मित्रता थी। हालांकि यह चर्चा सकारात्मक के वजाय नकारात्मक रूप में होती रही है। दोनों रोज सुबह अपने-अपने घर नवी अमोना से और रवि चौहान टोला से-निकलकर बाजार समिति स्थित विक्रांत चौक पहुंचते थे। यहीं से उनकी दिनचर्या की शुरुआत होती थी, जिसमें नशे का सेवन भी शामिल था। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों की दोस्ती का आधार क्या था यह स्पष्ट नहीं, लेकिन साथ बैठकर नशा करना उनकी आदत बन चुकी थी। इसी वजह से उनकी चर्चा अक्सर होती रहती थी और लोग इस हकीकत को स्वीकार भी करते थे। बताया जाता है कि घटना वाले दिन भी दोनों साथ थे, लेकिन अचानक क्या हुआ कि यह दोस्ती खूनी संघर्ष में बदल गई, यह अब भी सवाल बना ह...
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