सासाराम, सितम्बर 28 -- बिक्रमगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिउतिया व्रत की तिथि को लेकर अलग-अलग पंचांगों में जारी असमंजस पर सोमवार को विद्वानों की बैठक में विराम लग गया। काराकाट स्थित शांडिल्य कुटीर मानवता सेवा संघ कार्यालय में हुई बैठक में पंचांगों और धर्मग्रंथों के प्रमाणों पर मंथन के बाद 4 अक्टूबर को जिउतिया व्रत रखने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया। यह भी पढ़ें- सहरसा: परिवार की सुख समृद्धि के लिए महिलाएं करती जितिया का निर्जला व्रतबैठक का विवरण विद्वानों ने कहा कि 3 अक्टूबर को सप्तमी युक्त अष्टमी होने के कारण उस दिन व्रत करना शास्त्रसम्मत नहीं है। बैठक में विद्वानों ने बताया कि 3 अक्टूबर को सप्तमी तिथि सुबह 9:54 बजे तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। जिउतिया व्रत कथा में वर्णित वर्जनीया प्रयत्नेन सप्तमी सहिताष्टमी श्लोक का हवाला देते हुए...