गढ़वा, अक्टूबर 1 -- गढ़वा, प्रतिनिधि। संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर माताओं का कठिन जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। शनिवार को माताएं 24 घंटे का निर्जल उपवास रखेंगी। व्रत को लेकर घरों से लेकर बाजार तक चहल-पहल बढ़ गई है। जिउतिया की परंपराओं में इस्तेमाल होने वाली कई देसी और प्राकृतिक सामग्री की मांग बढ़ने से इनके दाम भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गए हैं। जिउतिया व्रत में प्रकृति से जुड़ी कई पारंपरिक सामग्रियों का विशेष महत्व है। नहाय-खाय के दिन सखुआ के दातुन, सखुआ के पत्ते से बने दोना-पत्तल, खीरे की लता के पत्ते, मड़ुआ का आटा, नोनी का साग और बराई की दाल का इस्तेमाल किया जाता है। यह भी पढ़ें- Godda News: जितिया पर्व को लेकर हनवारा सहित ग्रामीण बाजारों में बढ़ी चहल-पहल, नहाय-खाय...