फतेहपुर, मई 17 -- खागा। शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक फरियादी द्वारा खुद को 'मृत' बताकर दूसरे के नाम वरासत किए जाने के चर्चित मामले में दिलचस्प तथ्य सामने आए हैं। मामले की पड़ताल से पता चला है कि यह मामला एक ही नाम के दो व्यक्तियों के बीच पैतृक पहचान और भूमि के मालिकाना हक का कानूनी विवाद है। दरअसल बलीपुर मजरे रामपुर में 'भूरा' नाम के दो व्यक्ति हैं। इनमें से एक के पिता का नाम मटरू उर्फ सुखलाल है, जबकि दूसरे के पिता का नाम बिंदा था। विपक्षी पक्ष का न्यायालय में दावा है कि जिस 'भूरा पुत्र सुखलाल' के नाम पर पट्टे की जमीन आवंटित थी उनकी वास्तव में मृत्यु हो चुकी है और नियमानुसार 2001 में उनके वंशज बनवारी के नाम पर वरासत दर्ज की जा चुकी है। विपक्षी का आरोप है कि वर्तमान शिकायतकर्ता भूरा, जो खुद को सुखलाल का पुत्र बता रहा है, वह वास्तव...