प्रयागराज, मई 30 -- प्रयागराज। वृद्धावस्था पेंशन योजना के पात्र जीवित हैं या मृत इसकी तस्दीक करने समाज कल्याण विभाग की टीम अब खुद घर-घर जाएगी। अगर किसी पात्र का नाम मृतक में दर्ज हुआ और वो जीवित निकला तो उसका नाम फिर जोड़ा जाएगा। विभाग से पेंशन पाने वाले चक मुज्जमिल सैदाबाद के रामस्नेही और बिठौली धनूपुर के कल्लू की विभाग ने पेंशन यह कहकर रोक दी कि दोनों की मौत हो चुकी है। विभाग के चक्कर काटने के बाद जब पेंशन नहीं मिली तो दोनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने दोनों को जीवित घोषित किया तो विभाग ने अपनी गलती स्वीकार की और एरियर देने के साथ ही फिर से पेंशन शुरू की। कोर्ट के फैसले के बाद अब विभाग को यह खतरा है कि कई और मृतक जीवित हो सकते हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. प्रज्ञा पांडेय का कहना है कि वार्षिक सत्यापन में साढ़े तीन हजार ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.