गुमला, अप्रैल 5 -- सिसई, प्रतिनिधि। अप्रैल माह की शुरुआत होते ही प्रखंड क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। नदी, तालाब, कुआं और चापानल सूखने लगे हैं। वहीं कई जगहों पर जलमीनार खराब पड़े हैं। इसके कारण कई गांवों के लोग आज भी शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं।सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये खर्च कर गांव-गांव में सोलर जलमीनार लगाए गए हैं। इसके लिए पंचायत के मुखिया और पेयजल व स्वच्छता विभाग को राशि भी उपलब्ध कराई गई, लेकिन अधिकांश जलमीनार आज उपयोग में नहीं हैं। कई जगहों पर टंकियां झाड़ियों से घिर चुकी हैं,तो कहीं उनका उपयोग पशु बांधने में हो रहा है। प्रखंड के बरगांव उत्तरी पंचायत अंतर्गत जिंदा चट्टीटोली गांव में भी यही स्थिति देखने को मिली। यहां करीब पांच सौ की आबादी के लिए पांच चापाकलों को हटा कर स...