नई दिल्ली, सितम्बर 29 -- हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में गुलजार और जावेद अख्तर का नाम गूंजने से पहले कुछ ऐसे भी गीतकार हुए जिन्होंने अपनी नज्मों और गीतों में आत्मा उतार कर रख दी हो। उन्हीं गीतकार, शायर में से एक थे साहिर लुधियानवी। 40 के दशक से लेकर 1980 तक वो फिल्मों में गीत लिखते गए। उनके लिखे गीतों ने ऑडियंस के दिलों में एक अलग जगह बनाई। साहिर का इंडस्ट्री में कई लोगों के साथ अच्छा रिश्ता रहा। लेकिन जावेद अख्तर से उनका खास कनेक्शन रहा। दोनों के बीच का रिश्ता ऐसा था कि साहिर की मौत पर जावेद अख्तर को उनसे उधार लिए पैसे चुकाने पड़े।साहिर और जावेद अख्तर का रिश्ता ये बात 1960 के दशक की है। उस दौर में एक नया लड़का जावेद अख्तर फिल्मों में अपनी पहचान बनाने के लिए स्ट्रगल कर रहा था। रहने और खाने का कोई ठिकाना नहीं था तो साहिर लुधियानवी ने उस नए लड़के को...