गुमला, मार्च 17 -- गुमला,संवादददाता । पेयजल स्वच्छता विभाग के ताजा सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 2600 जल मिनार और इतने ही चापाकल खराब पड़े हैं। फलस्वरूप जिले में इन दिनों जिले में पानी की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब लोगों को पीने के पानी के लिए भी बाजार का सहारा लेना पड़ रहा है। गुमला शहर और प्रखंड मुख्यालयों में कई परिवार रोजमर्रा की जरूरत के लिए पानी का जार खरीद रहे हैं। जिससे उनके मासिक खर्च में काफी बढ़ोतरी हो गई है। गौतम साहु बताते हैं कि पहले जहां पानी पर कोई खास खर्च नहीं होता था। अब हर महीने सैकड़ों रुपये सिर्फ पीने के पानी पर खर्च करने पड़ रहे हैं। जो मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बनता जा रहा है। वहीं जिन लोगों के पास पैसे और साधन हैं,वे अपने घरों में निजी बोरिंग करा ...