बोकारो, फरवरी 16 -- कथारा। अप्रैल में जारंगडीह भूमिगत खदान स्थित बत्ती घर मैदान में सरहुल पर्व को भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया गया है। अनंत मुर्मू की अध्यक्षता में एवं सचिव करमचंद हांसदा के संचालन में बैठक में बेरमो, पेटरवार, गोमिया व कसमार समेत विभिन्न प्रखंडों से आदिवासी समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। अनंत मुर्मू ने कहा कि बाहा बोंगा आदिवासियों का प्रमुख सांस्कृतिक पूजा पर्व है, जिसे विभिन्न नामों से मनाया जाता है, जिनमें सरहुल भी शामिल है। जारंगडीह में वर्षों से बाहा बोंगा का आयोजन होता रहा है, लेकिन खदान संचालन के कारण कुछ समय तक केवल पूजा तक ही सीमित रही।
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