मुजफ्फर नगर, मई 31 -- मुजफ्फरनगर शगुन पैलेस में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन प्रख्यात कथाव्यास पंडित जगमोहन भारद्वाज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का रसपान कराया। उन्होंने राजा सत्राजित की कथा सुनाते हुए बताया कि सूर्यदेव से प्राप्त दिव्य स्यामंतक मणि के खो जाने पर सत्राजित ने श्रीकृष्ण पर मिथ्या आरोप लगाया था।कलंक मिटाने के लिए श्रीकृष्ण वन में मणि की खोज में गए और जाम्बवंत की गुफा तक पहुंचे। वहां दोनों के बीच 21 दिनों तक भीषण युद्ध हुआ। पराजय के बाद जाम्बवंत ने श्रीकृष्ण में अपने आराध्य प्रभु श्रीराम को पहचान लिया और क्षमा मांगते हुए उन्हें मणि व पुत्री जाम्बवती सौंप दी। यह भी पढ़ें- पृथ्वी पर अन्याय बढ़ने पर भगवान लेते हैं अवतार बाद में ग्लानि से भरे सत्राजित ने अपनी पुत्री सत्यभामा का विवाह श्रीकृष्ण से कर दिया।इसके अति...