कन्नौज, जनवरी 3 -- छिबरामऊ, संवाददाता। हजरत मौला अली की यौमे विलादत के पावन अवसर पर अंजुमन मुस्लिम कमेटी, जामा मस्जिद की ओर से हर साल की तरह इस साल भी फातिहा का इंतजाम किया गया। फातिहा के बाद हाफिज मुजीब साहब ने देश और दुनिया में अमन व शांति के लिए विशेष दुआ की। अंजुमन के सदर जाहिद चिश्ती ने बताया कि मौला अली को शेरे खुदा कहा जाता है। वह हजरत मोहम्मद साहब के दामाद, इमाम हसन व इमाम हुसैन के वालिद हैं। मौला अली ने पैगंबर के साथ हक व बातिल की कई जंगों में हिस्सा लिया और फतह हासिल की। उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन की खिदमत में समर्पित कर दिया। उनके बेटे इमाम हुसैन ने करबला में दीन-ए-इस्लाम की हिफाजत के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, जिससे इस्लाम हमेशा के लिए जिंदा हो गया। इस मौके पर शायराना अंदाज में कहा गया ...तेरी नस्ले पाक में बच्चा-बच्चा नूर क...
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