प्रतापगढ़ - कुंडा, दिसम्बर 8 -- वैशपुर, हिन्दुस्तान संवाद। कुत्तों के हमले से जान बचाकर हिरन गांव में घुसा तो ग्रामीणों ने उसकी जान बचाने का प्रयास किया। लेकिन वन विभाग के बुलावे पर भी पशु चिकित्सक कई घंटे बाद पहुंचे। तब तक हिरन तड़पता रहा। इसके बाद इलाज कर उसे गजेहड़ा नर्सरी ले गए, लेकिन सुबह उसकी मौत हो गई। मानधाता के पंडित का पुरवा में रविवार शाम करीब चार बजे एक घायल हिरन भागते हुए पहुंचा। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर सूचना दी तो वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने पशु चिकित्सक को हिरन की हालत गंभीर बताते हुए बुलाया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि पशु चिकित्सक करीब चार घंटे तक नहीं आए तो वन विभाग की टीम दर्द से छटपटा रहे हिरन को गजेहड़ा जंगल ले जाने की तैयारी करने लगे। इसी बीच पशु चिकित्सक की टीम आ गई और उसका इलाज किया गया। ...
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