नई दिल्ली, सितम्बर 14 -- अगर आप भी शेयरों और म्यूचुअल फंडों में निवेश करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कभी कम समय में शेयरों में उतार-चढ़ाव का फायदा उठाते हैं या कभी लंबे समय में संपत्ति बनाने के लिए पैसा लगाते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि निवेश किस तरह की संपत्ति में है। इन निवेशों से होने वाले मुनाफे पर कैपिटल गेन्स टैक्स भी लग सकता है, अगर मुनाफा सरकार की तय की गई सीमा से ज्यादा हो। नया आयकर अधिनियम, 2025, 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले टैक्स वर्षों पर लागू होगा। कैपिटल गेन्स का ढांचा मोटे तौर पर वही रहेगा, लेकिन प्रावधानों की नंबरिंग बदल दी गई है। लिस्टेड शेयर और इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड 12 महीने की होल्डिंग अवधि के बाद लॉन्ग-टर्म ट्रीटमेंट के लिए पात्र माने जाते हैं।कब और कितना देना पड़ता है टैक्स टैक्स की देनद...